जिला प्रशासन के पास बजट का अभाव, औद्योगिक कचरे से नदी तट पर छठ घाट के लिए बना रहे रास्ता, जल संसाधन विभाग ने मूंदी आंखें…

चांपा जांजगीर 27 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं संस्कृति प्रकृति और समाज के बीच गहरी एकता का पर्व छठ है ।दूसरी ओर जांजगीर चांपा जिले में छठ घाट तक पहुंच मार्ग के लिए स्लैग चूरी का उपयोग किया जा रहा है । प्रकृति के साथ खिलवाड़ में जिला प्रशासन के साथ जल संसाधन विभाग भी सहभागिता दे रहा है।
हसदेव नदी को कब मिलेगा न्याय ? जिसे देखो नदी खोद कर रेत परिवहन कर रहा, कचरा डाल रहा ।हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ो की अंधाधुंध कटाई से नदी के अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा ।
नदियों की सुरक्षा के लिए सरकार में जल प्रदूषण नियंत्रण, जैसे कि औद्योगिक कचरा और सीवेज को रोकना; नदियों के किनारे वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करना; नियमित सफाई अभियान चलाना; और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना जैसे कई कार्य हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण नीतियां बनाई जा रही हैं और राष्ट्रीय योजनाएं जैसे नमामि गंगे लागू की जा रही हैं।

सरकारी और राष्ट्रीय स्तर पर कार्य
राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (NRCP): यह योजना नदियों में प्रदूषण को रोकने और पानी की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित है।
नमामि गंगे कार्यक्रम: यह गंगा नदी के संरक्षण, सफाई और पुनरुद्धार के लिए एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है।
नियम और कानून: नदियों में औद्योगिक कचरा और गंदगी बहाने से रोकने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।
अवैध खनन पर रोक: नदियों से अवैध खनन रोकने के लिए दिशा-निर्देश और कानून बनाए जा रहे हैं।
उपग्रह और ड्रोन निगरानी: जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए उपग्रह और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।




